बच्चे करें पैक्ड फ्राइज़ और चॉकलेट से परहेज़: नहीं तो पड़ सकते हैं भयानक रूप से बीमार: जानिए क्या खाना होगा बेहतर

पैक्ड फ्राइज़
पैक्ड फ्राइज़

बच्चे करें पैक्ड फ्राइज़ और चॉकलेट से परहेज़: बचपन का समय विकास और सीखने का सबसे ज़रूरी दौर होता है। इसी समय बच्चे की शारीरिक और मानसिक क्षमताएं तेजी से विकसित होती हैं, जो उनके भविष्य को आकार देती हैं। ऐसे नाज़ुक दौर में उनका आहार कैसा है, ये बेहद ही महत्वपूर्ण हो जाता है। पर अक्सर हमारी ज़िंदगी की भागदौड़ के चलते या बच्चों को खुश करने की जल्दबाज़ी में हम उनकी थालियों में ऐसे खाद्य पदार्थ परोस देते हैं, जो शायद पलभर की खुशी तो देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे उनके सेहत के लिए खतरा बन जाते हैं। पैक्ड फ्राइज़ और चॉकलेट, जिन्हें बच्चे अक्सर बड़े शौक से खाते हैं, ऐसे ही दो खाद्य पदार्थ हैं। आइए इनकी हानिकारकता को समझें और अपने नन्हे शहंज़ादों के लिए स्वस्थ विकल्प अपनाएं।

पैक्ड फ्राइज़ः स्वाद के पीछे छिपा अस्वस्थ रहस्य

पैक्ड फ्राइज़ बच्चों को ज़रूर लुभाते हैं, लेकिन उनकी कुरकुरी परत के नीचे अस्वस्थता का अंबार छिपा होता है। इन फ्राइज़ को लंबे समय तक रखने के लिए प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग और आर्टिफिशियल एडिटिव्स का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। आइए देखें ये कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैंः

  • अत्यधिक वसा और नमकः ये फ्राइज़ अक्सर अनहेल्दी ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट और सोडियम से भरपूर होते हैं। ज़्यादा मात्रा में लेने से बच्चों में मोटापा, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
  • पोषण की कमीः इनमें ज़रूरी पोषक तत्व जैसे विटामिन, मिनरल्स और फाइबर बहुत कम मात्रा में पाए जाते हैं। इससे बच्चों में पोषण की कमी हो सकती है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित कर सकती है।
  • पाचन संबंधी समस्याएंः अधिक तेल में तले होने के कारण ये फ्राइज़ पचने में मुश्किल होते हैं। बच्चों में पेट दर्द, गैस, कब्ज़ और दस्त की समस्या हो सकती है।
  • डायबिटीज का खतराः इनमें मौजूद शुगर और रिफाइंड कार्ब्स इंसुलिन के प्रतिरोध को बढ़ा सकते हैं, जिससे बच्चों में भविष्य में डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

चॉकलेटः मीठी मुस्कुराहट के पीछे खट्टा सच

चॉकलेट हर उम्र के लोगों को पसंद होती है, लेकिन बच्चों के लिए ये ज़्यादा लुभावनी होती है। हालांकि, ज़्यादा मात्रा में चॉकलेट का सेवन नुकसानदायक हो सकता हैः

  • अत्यधिक शुगरः चॉकलेट, खासकर मिल्क चॉकलेट और कैंडी बार, शुगर से भरपूर होते हैं। ज़्यादा मात्रा में शुगर लेने से बच्चों में मोटापा, दांतों की समस्याएं और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
  • कैफीन की उपस्थितिः कुछ चॉकलेटों में कैफीन पाया जाता है, जो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे उन्हें चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और घबराहट की समस्या हो सकती है।
  • कम पोषणः चॉकलेट में ज़रूरी पोषक तत्व कम मात्रा में पाए जाते हैं। बच्चों को पोषण देने के लिए ये ज़रूरी नहीं है और इन्हें नियमित रूप से खाना उनके स्वस्थ आहार को बाधित कर सकता है।

स्वस्थ विकल्पः बचपन को हरा-भरा बनाएं

eat healthy, avoid पैक्ड फ्राइज़
eat healthy food, avoid पैक्ड फ्राइज़

बच्चों के लिए पैक्ड फ्राइज़ और चॉकलेट को सीमित करना ज़रूरी है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उनके बचपन से स्वाद और मज़ा गायब हो जाए। आइए देखें कुछ स्वस्थ विकल्प जो बच्चों को उतना ही पसंद आएंगे और साथ ही उनकी सेहत का भी ख्याल रखेंगे:

  • स्वादिष्ट स्नैक्स: ताज़े फल, सूखे मेवे, दही, घर का बना हुआ योगर्ट, पॉपकॉर्न (बिना नमक और तेल के बना हुआ), गाजर और खीरे के डिप्स जैसे हेल्दी स्नैक्स बच्चों को ज़्यादा पसंद आएंगे और उनमें ज़रूरी पोषक तत्व भी भरपूर होते हैं।
  • होममेड फ्राइज़: अगर पर्वीराम को फ्राइज़ का स्वाद बहुत लुभाता है, तो उन्हें घर पर ही हेल्दी तरीके से बनाकर दें। शकरकंद, ज़ुकीनी या अन्य सब्ज़ियों को काटकर ओवन में बेक करके या थोड़े से तेल में तलकर स्वादिष्ट और सेहतमंद फ्राइज़ तैयार किए जा सकते हैं।
  • डार्क चॉकलेट: अगर चॉकलेट का ही मन हो, तो पर्वीराम को डार्क चॉकलेट (70% से ज़्यादा कोको) दी जा सकती है। इसमें शुगर कम होती है और एंटीऑक्सीडेंट्स ज़्यादा होते हैं, जो बच्चों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन मात्रा का ध्यान ज़रूर रखें।
  • होममेड मिठाई: पर्वीराम को उनकी पसंद के हिसाब से घर पर ही मिठाई बनाकर दी जा सकती है। खजूर के लड्डू, फल कस्टर्ड, ओट्स कुकीज़ और गाजर का हलवा जैसे विकल्प बेहतर होते हैं।

इसके अलावा, पर्वीराम को स्वस्थ भोजन की आदत डालना ही सबसे ज़रूरी है। नियमित रूप से घर का बना हुआ पौष्टिक खाना खाने की आदत डालें, जिसमें फल, सब्ज़ियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हो। पर्वीराम को किचन में शामिल करें, उन्हें सब्ज़ियां धोने, फल काटने और खाना बनाने में थोड़ी मदद करने दें। इससे उन्हें खाने में रुचि बढ़ेगी और साथ ही स्वस्थ विकल्प अपनाने का ज्ञान भी होगा।

याद रखें, बचपन एक ऐसा नाज़ुक दौर होता है, जब बच्चों के शरीर और दिमाग का विकास तेजी से हो रहा होता है। उन्हें सही पोषण देना उनके भविष्य के लिए बेहद ज़रूरी है। पैक्ड फ्राइज़ और चॉकलेट जैसी चीज़ों को हद में रखें और उनके खाने में स्वस्थ और पौष्टिक विकल्प शामिल करें। इससे आप न केवल पर्वीराम की सेहत का ख्याल रखेंगे, बल्कि उनकी जिंदगी को स्वस्थ और खुशहाल भी बनाएंगे।

eat good food, avoid पैक्ड फ्राइज़
eat healthy, avoid पैक्ड फ्राइज़

अतिरिक्त टिप्स:

  • बच्चों के लिए पानी को ही मुख्य पेय पदार्थ बनाएं। सॉफ्ट ड्रिंक्स और जूस में ज़्यादा शुगर होती है, जो हानिकारक है।
  • बच्चों को बाहर खाना खाने से हतोत्साहित करें।  घर का बना हुआ खाना ज़्यादा पौष्टिक और सुरक्षित होता है।
  • पर्वीराम के साथ मिलकर किचन गार्डन बनाएं।  इससे उन्हें ताज़ी सब्ज़ियां खाने की आदत पड़ेगी और वे पौधों के महत्व को भी समझेंगे।
  • पर्वीराम को एक्सरसाइज़ करने के लिए प्रोत्साहित करें। शारीरिक गतिविधि उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए ज़रूरी है।

बच्चों की सेहत और खुशहाली के लिए पैक्ड फ्राइज़ और चॉकलेट का सेवन कम करना, ज़रूरी कदम है। स्वस्थ विकल्पों को अपनाकर न केवल आप उनके आज का ख्याल रखेंगे, बल्कि उनके भविष्य को भी स्वस्थ और उज्ज्वल बनाएंगे।

Source: bard.google.com

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